सोमवार, 27 मार्च 2023

MOTIVATIONAL STORY IN HINDI - किसान की घडी

 MOTIVATIONAL STORY IN HINDI - किसान की घडी शांति हमारे मन और मष्तिष्क को एकाग्र करती है यह एकाग्र मन:स्थिति जीवन की दिशा निर्धारित करने में सहायक है.

MOTIVATIONAL STORY IN HINDI - किसान की घडी

 MOTIVATIONAL STORY IN HINDI - किसान की घडी

किसान की घडी एक दिन की बात है. एक किसान अपने खेत के पास स्थित अनाज की कोठी में काम कर रहा था. काम के दौरान उसकी घडी खो गई. वह घडी उसके पिता द्वारा उसे उपहार में दी गई थी. इस कारण उससे उसका भावनात्मक लगाव था। उसने वह ढूढ़ने की बहुत कोशिश की.घर का हर कोना छान मारा. लेकिन घडी नहीं मिली. हताश होकर वह कोढी से बाहर आ गया। वहाँ उसने देखा की कुछ बचे खेल रहे है.

 उसने बच्चों को पास बुलाकर उन्हें अपने पिता की घडी खोजने का काम सौंपा घडी ढूढ निकलने वाले को ईनाम देने की घोषणा भी की. ईनाम के लालच में बचे तुरंत मान गए। कोढी के अंदर जाकर बचे घडी की खोज में लग गए इधर - उधर , यहाँ -वहाँ , हर जगह खोजने पर भी घडी नहीं मिल पाई बचे थक गए और उन्होंने हर मान ली. किसान ने अब गाड़ी मिलने की आस खो दी. बच्चो के जाने के बाद वह कोढी में उदास बैठा था।

 तभी एक बच्चा वापस आया और किसान से बोला की वह एक बार फिर से घडी ढूढ़ने की कोशिश करना चाहता था. किसान ने हामी भर दी. बच्चा कोठी के भीतर गया और कुछ ही देर बाहर आ गया. उसके हाथ में किसान की घडी थी. जब किसान ने वह घडी देखी , तो बहुत खुश हुआ. उसे आश्चर्य हुआ की जिस घडी को ढूढ़ने में सब नाकामयाब रहे.

 उसे उस बच्चे ने कैसे ढूढ निकाला ? पूछने पर बच्चे ने बताया की कोठी के भीतर जाकर वह चुपचाप एक जगह खड़ा हो गया और सुनने लगा। शांति में उसे घडी की टिक -टिक की आवाज सुनाई पड़ी और उस आवाज की दिशा में खोजने पर उसे वह घडी मिल गई. किसान ने बच्चो को शाबासी दी और ईनाम देकर विदा किया.

 MOTIVATIONAL STORY IN HINDI - किसान की घडी

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 सिख - 

शांति हमारे मन और मष्तिष्क को एकाग्र करती है और यह एकाग्र मन:स्थिति जीवन की दिशा निर्धारित करने में सहायक है. इसलिए दिनभर में कुछ समय हमें अवश्य निकलना चाहिए, जब हम शांति से बैठकर मनन क्र सके. अन्यथा शोर -गुल भरी में हम उलझ कर रह जायेंगे। हम कभी न अपने मन को. बस दुनिया की भेड़ चाल में चलते चले जायेंगे जब आँख खुलेगी, तो बस पछतावा होगा की जीवन की ये दिशा हमने कैसे निर्धारित कर ली? हम चाहते तो कुछ और थे। जबकि वास्तव में हमने तो वही किया, जो दुनिया ने कहा. अपने मन की बात सुनने का तो हमने समय ही नहीं निकाला.,


best hindi motivational story - ईमानदारी का फल

best hindi motivational story-ईमानदारी का फल ( best motivational story ) राजा और बच्चे की सच्ची कहानी...

best hindi motivational story-ईमानदारी का फल

best hindi motivational story-ईमानदारी का फल काफी समय पहले की बात है प्रतापगड नाम का एक राज्य था वंहा का राजा बहुत अच्छा था

 मगर राजा को एक सुख नहीं था वह यह की उसके कोई भी संतान नहीं थी और वह चाहता था की अब वह राज्य के अंदर किसी योग्य बच्चे को गोद ले ताकि वह उसका उत्तराधिकारी बन सके और आगे को बागडोर को सुचारु रूप से चला सके और इसी को देखते हुए राजा ने राज्य में घोषणा करवा दी

 की सभी बचे राजमहल में एकत्रित हो जाये ऐसा ही हुआ राजा ने सभी बच्चो को पौधे लगाने के लिए भिन - भिन प्रकार के बीज दिए और कहा की अब हम 6 महीने बाद मिलेंगे और देखेंगे की किसका पौधा सबसे अच्छा होगा महीने बित जाने के बाद भी एक बच्चा ऐसा था जिसके गमले में वह बीज अभि तक नहीं फूटा था लेकिन वह उसकी रोज देखभाल करता था 

और रोज पौधे को पानी देता था देखते ही देखते 3 महीने बीत गए बच्चा परेशान होगया तभी उसकी माँ ने कहा बीटा धैर्य रखो कुछ बीजो कको फूलने में वक़्त लगता है और वह पौधा सींचता रहा 6 महीने हो गए राजा के पास जाने का समय आ चूका था

 best hindi motivational story-ईमानदारी का फल

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लेकिन आज डरा हुआ था की सबके गमले में को पौधे होंगे लेकिन उसका गमला खाली होगा लेकिन वह बच्चा ईमानदार था और सरे बच्चे राजमहल में आ चुके थे कुछ बच्चे जोश से भरे हुए थे
 क्योकि उनके अंदर राज्य का उत्तराधिकारी बनने की प्रबल लालसा थी अब राजा ने आदेश दिया सभी बच्चे अपने अपने गमले दिखाने लगे मगर एक बच्चा सहमा हुआ था क्युकी उसका गमला खाली था तभी राजा की नजर उस गमले पर गयी उसने पूछा तुम्हारा गमला तो खाली है
 तो उसने कहा लेकिन मैंने इस गमले की देखभाल 6 महीने तक की है राजा उसकी ईमानदारी से खुश था की उसका गमला खाली है
 फिर भी वह हिम्मत करके यहाँ आ तो गया सभी बच्चो के गमले देखने के बाद उस बच्चे को सबके सामने बुलाया बच्चा सहम सा गया और राजा ने वह गमला सभी को दिखाया सब जोर - जोर से हसने लगे राजा ने कहा सांत हो जाइये इतना खुश मत होइए आप सभी के पास जो पौधे के वह बंजर है
 आप चाहे कितनी भी मेहनत करले उससे कुछ नहीं निकलेगा लेकिन असली बीज यही था राजा उसकी ईमानदारी से बेहद खुश हुआ और उस बच्चे को उस राज्य का उत्तराधिकारी बना दिया गया लेकिन

 हमें इस कहानी से क्या सिखने को मिला मेरे हिसाब से अपने अंदर ईमानदारी का होना बहुत जरूरी है (hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो)


शुक्रवार, 24 मार्च 2023

INSPIRATIONAL STORIES IN HINDI - जो चाहोगे सो पाओगे

INSPIRATIONAL STORIES IN HINDI - जो चाहोगे सो पाओगे ( best motivational story ) 'समय' और 'धैर्य ' नाम के हीरे-मोती  

जो चाहोगे सो पाओगे

एक साधु घाट किनारे अपना डेरा डाले हुए था। वहाँ वह धुनि रमा कर दिन भर बैठा रहता और बिच-बिच में ऊंची आवाज में चिल्लाता, "जो चाहोगे सो पाओगे !" 

      उस रास्ते से गुजरने वाले लोग उसे पागल समझते थे | वे उसकी बात सुनकर अनसुना कर कर देते और जो सुनते, वे उस पर हसते थे | एक दिन एक बेरोजगार युवक उस रस्ते से गुजर रहा था। साधु की चिल्लाने की आवाज उसके कानो में भी पड़ी - "जो चाहोगे सो पाओगे !"

        जो चाहोगे सो पाओगे !" ये सुनकर वो युवक साधु के पास आ गया और उससे पूछने लगा , "बाबा ! आप बहुत देर से जो चाहोगे सो पाओगे चिल्ला रहे हो. क्या आप सच में मुझे वो दे सकते हो, जो में पाना चाहता हूँ ?

" साधु बोले हा बेटा ! में तुम्हे एक हिरा और एक मोती देता हु , उससे तुम जितने चाहे हिरे-मोती बना लेना।" साधु बोला। साधु की बात सुनकर युवक की आखो में आशा की ज्योति चमक उठी.

 INSPIRATIONAL STORIES IN HINDI - जो चाहोगे सो पाओगे ( best motivational story )

 फिर साधु ने उसे उसकी दोनों हथेलिया आगे बढ़ाने को कहा। . युवक ने अपनी हथेलिया साधु के सामने कर दी।

 . साधु ने पहले उसकी एक हथेली पर अपना हाथ रखा और बोला , " बेटा , ये इस दुनिया का सबसे अनमोल हीरा है . इसे 'समय ' कहते है इसे जोर से अपनी मुट्ठी में जकड लो।. इसके द्वारा तुम जितने चाहे उतने हीरे बना सकते हो। . इसे कभी अपने हाथ से निकलने मत देना।


INSPIRATIONAL STORIES IN HINDI - जो चाहोगे सो पाओगे
INSPIRATIONAL STORIES IN HINDI - जो चाहोगे सो पाओगे

 फिर साधु ने अपना दूसरा हाथ युवक की दूसरी हथेली पर रखकर कहा , ''बेटा ,ये दुनिया का सबसे कीमती मोती है. इसे 'धैर्य 'कहते है.जब किसी कार्य में समय लगाने के बाद भी वांछित परिणाम प्राप्त न हो ,तो इस धैर्य नामक मोती को धारण कर लेना। यदि यह मोती तुम्हारे पास है ,तो तुम दुनिया में जो चाहो वो हासिल कर सकते हो."

 युवक ने ध्यान से साधु की सुनी और उन्हें धन्यवाद कर वहा से चल पड़ा। उसे सफलता प्राप्ति के दो गुरुमंत्र मिल गए थे.उसने निश्चय किया कि वह कभी अपना समय व्यर्थ नहीं गवायेगा और सदा धैर्य से काम लेगा।

 कुछ समय बाद उसने हीरे के एक बड़े व्यापारी के यहाँ काम करना प्रारंभ किया। कुछ वर्षो तक वह दिल लगाकर व्यवसाय का हर गुर सीखता रहा और एक दिन अपनी मेहनत और लगन से अपना सपना साकार करते हुए हीरे का बहुत बड़ा व्यापारी बना. 

सिख 

लक्ष्य प्राप्ति के लिए सदा 'समय' और 'धैर्य ' नाम के हीरे-मोती अपने साथ रखे. अपना समय कभी व्यर्थ का दामन न छोड़े. सफलता अवश्य प्राप्त होगी.

 hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो


गुरुवार, 23 मार्च 2023

hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो

hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो दोस्तों , जीवन में कामयाब होना है, तो इस story को जरूर पढ़े ( प्रेणादायक कहानी हिंदी में )

hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो

एक बार गांव के दो व्यक्तियों ने शहर जाकर पैसे कमाने का निर्णय लिया। शहर जाकर कुछ महीने इधर-उधर छोटा - मोटा काम कर दोनों ने कुछ पैसे जमा किये। फिर उन पैसो से अपना पैन व्यवसाय प्रारम्भ किया। दोनों का व्यवसाय चल पड़ा।

 दो साल में ही दोनों ने अच्छी खासी तरकी कर ली। व्यवसाय को फलता - फूलता देख पहले व्यक्ति ने सोचा की अब तो मेरा काम चल पड़ा है। अब तो में तरकी की सीढ़िया चलता जाऊंगा। लेकिन उसकी सोच के विपरीत व्यापारिक उतार - चढ़ाव के कारण उसे उस साल अत्यधिक घाटा हुआ। अब तक आसमान में उड़ रहा वह व्यक्ति यथार्थ के धरातल में आ गिरा। 

वह उन कारणों को तलाशने लगा , जिसकी वजा से उसका व्यापार बाजार की मार नहीं सह पाया। सबसे पहले उसने उस दूसरे व्यक्ति के व्यवसाय की स्थिति का पता लगाया , जिसने उसके साथ ही व्यापार आरम्भ किया था।

 वह यह जानकर हैरान रह गया की इस उतर - चढ़ाव मंडी के दौर में भी उसका व्यवसाय मुनाफे में है। उसने तुरंत उसके पास जाकर इसका कारण जानने का निर्णय लिया।

             hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो

hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो


अगले ही दिन वह दूसरे व्यक्ति के पास पंहुचा। दूसरे व्यक्ति ने उसका खूब आदर सत्कार किया और उसके आने का कारण पूछा। तब पहला व्यक्ति बोला , "दोस्त ! इस बार मेरा व्यवसाय बाजार की मार नहीं झेल पाया।

            बहुत घटा झेलना पड़ा। तुम भी तो इसी व्यवसाय में हो तुमने ऐसा क्या किया इस उतर चढ़ाव के दौर में की तुमने मुनाफा कमाया ?" यह बात सुन दूसरा व्यक्ति बोला , "भाई ! में तो बस सीखता जा रहा हु , 

          अपनी गलती से भी और साथ ही दूसरे की गलतियों से भी। जो समस्या सामने से आती है उसमे भी सिख लेता हु इसलिए जब दोबारा वैसी समस्या आती है , तो उसका सामना अच्छे से कर पाता हु और उसके कारण मुझे नुकसान नहीं उठाना पड़ता। बस ये सिखने की प्रवृति ही है,

             जो मुझे जीवन में आगे बढ़ाती जा रही है." दूसरे व्यक्ति की बात सुनकर पहले व्यक्ति को अपनी गलती का अहसास हुआ। सफलता के मत में वो अति - आत्मविश्वास से भर उठा था और सीखना छोर दिया था। वह यह प्रण कर वापस लौटा की कभी सीखना नहीं छोड़ेगा। उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और तरक्की की सीढिया चढ़ता चला गया। सिख

                                   read more -  कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता
सिख

दोस्तों , जीवन में कामयाब होना है, तो इसे पाठशाला मान हर पल सीखते रहिये। यहाँ नित नए परिवर्तन और नए विकाश होते रहते है। यदि हम स्वयं को सर्वज्ञाता समझने लगेंगे , तो जीवन की दौड़ में पिछड़ जायेंगे क्योंकि इस दौड़ में जीतता वही है जो लगातार दौड़ता रहता है जिसने दौड़ना छोर दिया उसका हारना निश्चित है इसलिए सिखने की ललक अपने मन में बनाये रखिये , फिर कोई बदलाव , उतार - चढ़ाव आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता।

hindi motivational story - हमेशा सीखते रहो



बुधवार, 22 मार्च 2023

best hindi motivational story - कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता

best hindi motivational story - कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता गुरु और शिष्य की कहानी ( जीवन की सिख )...

best hindi motivational story - कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता

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एक समय की बात है गुरु अपने शिस्यो के साथ कही दूर जा रहे थे | रास्ता काफी लम्बा था चलते चलते सभी थक गए थे अब उन्हे विश्राम, करने की इच्छा हुई , किन्तु अगर विश्राम करते तो गंतव्य स्थल पर पहुंचने में बहुत रात हो जाती इसलिए वह लोग निरंतर चल रहे थे |

 रस्ते में एक नाला आया जिसको पार करने के लिए लम्बी छलांग लगानी थी | सभी लोगो ने लम्बी छलांग लगाकर नाले को पार किया | किन्तु गुरूजी कमंडल उस नाले में गिर गया |

 सभी शिष्य परेशान हुए एक शिष्य गोपाल कमंडल निकालने के लिए सफाई कर्मचारी को ढूंढ़ने चला गया | अन्य शिष्य बैठकर चिंता करने लगे, योजना बनाए लगे आखिर यह
कमंडल कैसे निकाला जाए |

best hindi motivational story - कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता

 गुरु जी परेशान होने लगे क्योकि गुरूजी ने सभी को स्वावलंबन का पाठ पढ़ाया था | उनकी सिख पर कोई भी शिष्य अमल नहीं कर रहा है | अंत तक वास्तव में कोई भी उस कार्य को करने के नहीं अग्रसर नहीं हुआ

 ऐसा देखकर गुरु जो काफी विचलित हुए | एक शिष्य मदन उठा और उसने नाले में हाथ लगा कर देखा , किन्तु कमंडल दिखाई नहीं दिया 

 क्योकि वह नाले के तह में जा पहुंच था तभी मदन ने अपने कपड़े संभालने हुए नाले में उतरा और तरुंत कमंडल लेकर ऊपर आ गया |

best hindi motivational story - कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता

गुरु जी ने अपने शिष्य मदन की खूब प्रशंशा की और भरपूर सराहना की उसने तुरंत की और भरपूर सराहना की उसने तुरंत कार्य को अंजाम दिया और गुरु द्वारा पढ़ाए गए पाठ पर कार्य किया | तभी शिष्य गोपाल जो सफाई कर्मचारी को ढूंढ़ने गया था

 वह भी आ pahucha , उसे अपनी गलती का आभास हो गया था | कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है , अपना काम स्वयं करना चाहिए | किसी भी संकट में होने के बावजूद भी दूसरे व्यक्तियों से मदद कम से कम लेना चाहिए |

short motivational story in hindi - रोना क्यों

short motivational story in hindi - रोना क्यों short motivational story in hindi - रोना क्यों यह कहानी राबिया नाम की महिला की है उम्मीद है इससे आपको कुछ न   कुछ सिखने को जरूर मिलेगा स्टोरी को एन्ड तक जरूर पड़े                               .रोना क्यों

short motivational story in hindi

short motivational story in hindi - रोना क्यों

सूफी - संतो में राबिया का स्थान बहुत ऊँचा था | वे बड़ी सादगी का जीवन बिताती थी और सबको बेहद प्यार करती थी | इस्वर में उनकी अगाधा श्रद्धा थी | 

उन्होंने अपना सब कुछ उन्ही को सौंप रखा था | एक दिन एक व्यक्ति राबिया के पास आया | उसके सिर पर पट्टी बंधी थी | 

राबिया ने पूछा - क्यों भाई क्या बात है ? यह पट्टी क्यों बांध रखी है ? 

" वह आदमी बोला - " सिर में बड़ा दर्द है |"

 राबिया ने पूछा - "तुम्हारी कितनी उम्र है ?" 

 उत्तर मिला - "यही कोई तीस-एक साल की है |" 

 "अच्छा यह बताओ | " राबिया ने आगे सवाल किया - "इन तिस वर्षो में तुम तंदुरुस्त रहे या बीमार ?

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" उसने कहा - में हमेशा तंदुरुस्त रहा | कभी बीमार नहीं पड़ा |" 

 तब राबिया मुस्कुराकर बोली - "भले आदमी, तुम इतने साल तंदुरस्त रहे, पर तुमने एक दिन इसके शुकराने में पट्टी नहीं बांधी और अब जरा सिर में दर्द हो गया तो शिकायत की पट्टी बांध ली !" 

 राबिया की बात सुनकर वह आदमी बहुत शर्मिंदा हुआ और कुछ न बोल सका चुपचाप सिर झुकाकर चला गया | 

 राबिया की ये बात सुनने में तो मामूली लगती है, लेकिन इससे उनका मतलब था की सुख में तो हम भगवन को याद नहीं करते है और दुखो के आते ही भगवान के सामने अपने दुखो का रोना शुरू कर देते है


  

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

मंगलवार, 21 मार्च 2023

Moral stories in hindi - कहानी एक कारीगर की

Moral stories in hindi - कहानी एक कारीगर की.. ये है एक राजा और कारीगर की कहानी, गलती से भी इस कहानी का अंत पढ़ना न भूले..

Moral stories in hindi


एक बार एक राजा ने अपने राज्य के सबसे कुशल कारीगर को महल में बुलाया| राजा कारीगर की कला से प्रभावित था | उसने कारीगर को दरबार में बुलाया और कहा ,"तुम हमारे लिए राज्य का सबसे सुन्दर महल बनाओ | हमारे पास धन की कोई कमी नहीं है तुम जितना धन मांगोगे उतना मिलेगा |

कारीगर कुशल तो था लेकिन उसे अपनी कला का घमंड आ चूका था | सब जगह से अपने काम की तारीफ सुनकर अब उसने मन में कामचोरी और आलस्य की प्रवति आ चुकी थी |

 खैर, कारीगर महाराज की आज्ञा पा कर अपने काम में जुट गया | लेकिन थोड़े ही दिन बाद उसके मन में विचार क्यों न रदी घटिया किस्म का माल लगा कर जल्दी से जल्दी महल का काम समाप्त कर के मोटा मुनाफा कमा लिया जाये | और उसने यही किया |

         Moral stories in hindi - कहानी एक कारीगर की

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कारीगर ने घटिया किस्म का माल लगा कर महल की भुरभुरी दिवार खड़ी कर दी | कारीगर ने महल को बहार से सुन्दर सज सजा से चमका दिया लेकिन अंदर से महल में कच्चा माल लगा दिया | थोड़े ही दिन में आकर्सक साज सज्जा वाला महल तैयार हो गया |

 महल खड़ा करने के बाद कारीगर राजा की सेवा में पंहुचा और राजा को महल के बनने की सुचना दी | 

राजा अगले ही दिन महल का निरिकछण करने के लिए पहुंचे | महल को देख राजा बहुत की प्रभावित हुए | महल बहुत की आकर्षक और सुन्दर लग रहा था |

Moral stories in hindi  - कहानी एक कारीगर की

राजा ने कारीगर की बहुत परसंसा की और कहा, "में तुम्हारी कुशलता से बहुत प्रभावित हु | इतने बड़े सुन्दर महल के निर्माण के लिए तुम्हे जो भी इनाम दिया जाये वो कम है | में सोच रहा हु इस अद्भुत कार्य के लिए तुम्हे क्या इनाम दिया जाये |

 और थोड़ी देर बाद महाराज सोच विचार कर मुस्कुराये और बोले, "लो तुम्हे यही महल पुरुष्कार में देता हु |" महाराज की बात सुनकर कारीगर हतपत रह गया |

 उसे क्या पता था की जिस महल को वो घटिया तरिके से बना रहा है वही महल उसको इनाम में मिल जायेगा | राजा महल का निरिछण कर और महल को कारीगर को इनाम में दे कर चले गए | कारीगर अपने किये पर मुँह छिपा कर रोने लगा |

 इनाम के लालच में कारीगर का बनाया गया खोखला महल उसी के हथे चढ़ गया |

              Moral stories in hindi - कहानी एक कारीगर की दोस्तों कभी भी हमको लालच नहीं करना चाहिए | यह छोटी सी story हमें सिख देती है की कभी भी लालच करने से बचे ज्यादा किया गया लालच कभी भी सुख नहीं देता |


सोमवार, 20 मार्च 2023

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में...

एकबार एक टीचर क्लास में पढ़ा रहे थे | बच्चो को कुछ नया सीखने के लिए टीचर ने जेब से 100 रूपये का एक नोट निकला | अब वो बच्चो की तफ नोट दिखाकर कहा - क्या आप लोग बता सकते है की यह कितने रूपये का नोट है ?

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

सभी बच्चो ने कहा - " 100 रूपये का " टीचर - इस नोट को कोन कोन लेना चाहेगा ? सभी बचो ने हाथ खड़ा कर दिया |

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में


अब टीचर ने उस नोट को मुठी में बंद करके बुरी तरह मसला जिससे वह नोट बुरी तरह कुचला सा गया | अब टीचर ने बचो को नोट दिखाकर कहा की अब यह नोट कुचल सा गया है अब इसे कोन लेना चाहेगा ? सभी बचो ने फिर हाथ उठाया |

 अब टीचर बचो से बोली की आज मैंने तुमको बहुत बड़ा पाठ पढ़ाया है ये 100 रुपए का था, जब मैंने इस नोट को अपने हाथो से कुचला तो ये नोट कुचल गया लकिन इसकी कीमत 100 रुपए ही रही, इसके बाद जब मैंने इसी जुटे से मसला तो नोट गन्दा हो गया लेकिन फिर भी इसकी कीमत 100 रूपये ही रही |


Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

ठीक उसी प्रकार इंसान की जो कीमत है वो हमेशा वही रहती है | आपके ऊपर चाहे कितनी भी मुस्किले आ जाये,चाहे कितनी भी मुसीबत की धूल आपके ऊपर गिर जाये लेकिन आपको अपनी कीमत नहीं गवानी है | आप कल भी बेहतर थे | और आज भी बेहतर है

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

Short Motivational Story In Hindi - प्रेणादायक कहानी हिंदी में...

प्रेणादायक कहानी हिंदी में जीवन की सिख लाल ( बहादुर शास्त्री के चरित्र की कहानी हिंदी में ) कभी भी खुद को बड़ा मत मानिये आपके बड़े होने का पता आपके चरित्र और आपके व्यवहार से पता लगता है यह कहानी एक महान पुरुष लाल बहादुर शास्त्री की है जो हकीकत में ही बहुत महान थे जिनको हम आज भी उनके महान व्यक्तित्व व कार्य के लिए जानते है | तो जानते है उनके बारे में। .. 

Short Motivational Story In Hindi

लाल बहादुर शास्त्री बड़े ही हसमुख स्वभाव के थे | लोग प्रायः ही उनसे हसमुख स्वभाव और निःस्वार्थ सेवा भावना के लिए प्रभावित हो जाया करते थे |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी मे

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 एक बार लाल बहादुर शास्त्री को लोक सेवा मंडल का सदस्य बनाया गया | लेकिन लाल बहादुर शास्त्री बहुत संकोची थे वे कभी नहीं चाहते थे की उनका नाम अखबारों में छपे और लोग उनकी प्रसंसा और स्वागत करे | एक बार लाल बहादुर शास्त्री जी के मित्र उनसे पूछा पूछा। " शास्त्री जी ! आप अखबारों में में नाम छपाने के लिए इतना परहेज क्यों करते है |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

शास्त्री जी मुस्कुराये और बोले, " लाला लाजपतराय जी ने मुझे लोग सेवा मंडल के कार्यभार सोपते हुए कहा था की, लाला बहादुर ताजमहल में दो तरह के पत्थर लगे है | एक बढ़िया संगमरमर के पत्थर लगे है| एक बढ़िया संगमरमर के पत्थर लगे है | जिन्हे दुनिया देखती है और प्रसंशा करती है | और दूसरे ताजमहल की नीव में लगे है जो दीखते नहीं और जिनके जीवन में अँधेरा ही अँधेरा है | लेकिन ताजमहल को वो ही खड़े किये हुए है |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

लालाजी के ये शब्द मुझे हमेशा याद रहते है | और में नीव का पत्थर बना रहता हु | इसलिए हमें भी जिंदगी में दिखावे से बचकर वो कार्य करना चाहिए जो असल में जरूरी है |

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शुक्रवार, 17 मार्च 2023

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी ...

साँच को आंच नहीं किसी नगर में एक जुलहा रहता था | वह बहुत बढ़िया कम्बल तैयार करता था | कंतिनो से अच्छी उन खरीदता और भक्ति के गीत गाते हुए आनंद से कम्बल बुनता | वह सच्चा था, रत्तीभर भी कहीं खोट-कसर नहीं थी|

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

एक दिन उसने एक साहूकार को दो कम्बल दिय | साहूकार ने दो दिन बाद उनका पैसा ले जाने को कहा| साहूकार दिखाने को तो धर्म करम करता था, माथे पर तिलक लगाता था, लेकिन मन उसका मेला था 
| वह अपना रोजगार छल-कपट से चलता था | दो दिन बाद जब जुलाहा अपने पैसे लेने आया तो साहूकार ने कहा - "मेरे यंहा आग लग गयी और दोनों कम्बल जल गए अब में पैसे क्यों दू ? "

 जुलाहा बोला - "यह नहीं हो सकता मेरे धंधा सचाई पर चलता है और सच में कभी आग नहीं लग सकती |

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

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जुलाहे के कंधे पर एक कम्बल पड़ा था उसे सामने करते हुए उसने कहा - "यह लो, लगाओ इसमे आग |" साहूकार बोला मेरे यहाँ कम्बलो के पास मिटटी का तेल रखा था | कम्बल ,उसमे भीग गए थे |

 इस लिए जल गए | जुलाहे ने कहा - "तो इसे भी मिटटी के तेल में भिगो लो |" काफी लोग वंहा इकठे हो गए | सबके सामने कम्बल को मिटटी के तेल में भिगोकर आग लगा दी गयी | लोगो ने देखा की तेल जल गया, लेकिन कम्बल जैसा था वैसा बना रहा | 

 जुलाहा ने कहा - "याद रखो साच को आंच नहीं | read more-aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

" साहूकार ने लज्जा से सिर झुका लिया और जुलाहे के पैसे चुका दिए | सच ही कहा गया है की 

जिसके साथ सच होता है उसका साथ तो भगवन भी नहीं छोड़ता |



real love story in hindi - पड़ोस वाला प्यार....

real love story in hindi - पड़ोस वाला प्यार.... में bsc करने वाला लड़का हु मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती है हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते...