सोमवार, 20 मार्च 2023

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में...

एकबार एक टीचर क्लास में पढ़ा रहे थे | बच्चो को कुछ नया सीखने के लिए टीचर ने जेब से 100 रूपये का एक नोट निकला | अब वो बच्चो की तफ नोट दिखाकर कहा - क्या आप लोग बता सकते है की यह कितने रूपये का नोट है ?

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

सभी बच्चो ने कहा - " 100 रूपये का " टीचर - इस नोट को कोन कोन लेना चाहेगा ? सभी बचो ने हाथ खड़ा कर दिया |

Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में


अब टीचर ने उस नोट को मुठी में बंद करके बुरी तरह मसला जिससे वह नोट बुरी तरह कुचला सा गया | अब टीचर ने बचो को नोट दिखाकर कहा की अब यह नोट कुचल सा गया है अब इसे कोन लेना चाहेगा ? सभी बचो ने फिर हाथ उठाया |

 अब टीचर बचो से बोली की आज मैंने तुमको बहुत बड़ा पाठ पढ़ाया है ये 100 रुपए का था, जब मैंने इस नोट को अपने हाथो से कुचला तो ये नोट कुचल गया लकिन इसकी कीमत 100 रुपए ही रही, इसके बाद जब मैंने इसी जुटे से मसला तो नोट गन्दा हो गया लेकिन फिर भी इसकी कीमत 100 रूपये ही रही |


Inspirational Story In Hindi -प्रेणादायक कहानी हिंदी में

ठीक उसी प्रकार इंसान की जो कीमत है वो हमेशा वही रहती है | आपके ऊपर चाहे कितनी भी मुस्किले आ जाये,चाहे कितनी भी मुसीबत की धूल आपके ऊपर गिर जाये लेकिन आपको अपनी कीमत नहीं गवानी है | आप कल भी बेहतर थे | और आज भी बेहतर है

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

Short Motivational Story In Hindi - प्रेणादायक कहानी हिंदी में...

प्रेणादायक कहानी हिंदी में जीवन की सिख लाल ( बहादुर शास्त्री के चरित्र की कहानी हिंदी में ) कभी भी खुद को बड़ा मत मानिये आपके बड़े होने का पता आपके चरित्र और आपके व्यवहार से पता लगता है यह कहानी एक महान पुरुष लाल बहादुर शास्त्री की है जो हकीकत में ही बहुत महान थे जिनको हम आज भी उनके महान व्यक्तित्व व कार्य के लिए जानते है | तो जानते है उनके बारे में। .. 

Short Motivational Story In Hindi

लाल बहादुर शास्त्री बड़े ही हसमुख स्वभाव के थे | लोग प्रायः ही उनसे हसमुख स्वभाव और निःस्वार्थ सेवा भावना के लिए प्रभावित हो जाया करते थे |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी मे

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 एक बार लाल बहादुर शास्त्री को लोक सेवा मंडल का सदस्य बनाया गया | लेकिन लाल बहादुर शास्त्री बहुत संकोची थे वे कभी नहीं चाहते थे की उनका नाम अखबारों में छपे और लोग उनकी प्रसंसा और स्वागत करे | एक बार लाल बहादुर शास्त्री जी के मित्र उनसे पूछा पूछा। " शास्त्री जी ! आप अखबारों में में नाम छपाने के लिए इतना परहेज क्यों करते है |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

शास्त्री जी मुस्कुराये और बोले, " लाला लाजपतराय जी ने मुझे लोग सेवा मंडल के कार्यभार सोपते हुए कहा था की, लाला बहादुर ताजमहल में दो तरह के पत्थर लगे है | एक बढ़िया संगमरमर के पत्थर लगे है| एक बढ़िया संगमरमर के पत्थर लगे है | जिन्हे दुनिया देखती है और प्रसंशा करती है | और दूसरे ताजमहल की नीव में लगे है जो दीखते नहीं और जिनके जीवन में अँधेरा ही अँधेरा है | लेकिन ताजमहल को वो ही खड़े किये हुए है |

Short Motivational Story In Hindi-प्रेणादायक कहानी हिंदी में

लालाजी के ये शब्द मुझे हमेशा याद रहते है | और में नीव का पत्थर बना रहता हु | इसलिए हमें भी जिंदगी में दिखावे से बचकर वो कार्य करना चाहिए जो असल में जरूरी है |

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शुक्रवार, 17 मार्च 2023

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी ...

साँच को आंच नहीं किसी नगर में एक जुलहा रहता था | वह बहुत बढ़िया कम्बल तैयार करता था | कंतिनो से अच्छी उन खरीदता और भक्ति के गीत गाते हुए आनंद से कम्बल बुनता | वह सच्चा था, रत्तीभर भी कहीं खोट-कसर नहीं थी|

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

एक दिन उसने एक साहूकार को दो कम्बल दिय | साहूकार ने दो दिन बाद उनका पैसा ले जाने को कहा| साहूकार दिखाने को तो धर्म करम करता था, माथे पर तिलक लगाता था, लेकिन मन उसका मेला था 
| वह अपना रोजगार छल-कपट से चलता था | दो दिन बाद जब जुलाहा अपने पैसे लेने आया तो साहूकार ने कहा - "मेरे यंहा आग लग गयी और दोनों कम्बल जल गए अब में पैसे क्यों दू ? "

 जुलाहा बोला - "यह नहीं हो सकता मेरे धंधा सचाई पर चलता है और सच में कभी आग नहीं लग सकती |

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी

inspirational story in hindi - प्रेरणादायक हिंदी कहानी


जुलाहे के कंधे पर एक कम्बल पड़ा था उसे सामने करते हुए उसने कहा - "यह लो, लगाओ इसमे आग |" साहूकार बोला मेरे यहाँ कम्बलो के पास मिटटी का तेल रखा था | कम्बल ,उसमे भीग गए थे |

 इस लिए जल गए | जुलाहे ने कहा - "तो इसे भी मिटटी के तेल में भिगो लो |" काफी लोग वंहा इकठे हो गए | सबके सामने कम्बल को मिटटी के तेल में भिगोकर आग लगा दी गयी | लोगो ने देखा की तेल जल गया, लेकिन कम्बल जैसा था वैसा बना रहा | 

 जुलाहा ने कहा - "याद रखो साच को आंच नहीं | read more-aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

" साहूकार ने लज्जा से सिर झुका लिया और जुलाहे के पैसे चुका दिए | सच ही कहा गया है की 

जिसके साथ सच होता है उसका साथ तो भगवन भी नहीं छोड़ता |



गुरुवार, 16 मार्च 2023

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने


Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने मुठी भर लोग | साहस पर कहानी हर साल गर्मी की छुटियो में नितिन अपने दोस्तों के साथ किसी पहाड़ी इलाके में माउंटेनियरिंग के लिए जाता था. इस साल भी वे इसी मकसद से ऋषिकेश पहुंचे। गाइड उन्हे एक फेमस माउंटिंयरिंग स्पॉट पर ले गया. नितिन और उसके दोस्तों ने सोचा नहीं था कि यहाँ इतनी भीड़ होगी। हर तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे थे. एक दोस्तों बोला, "यार यहाँ तो शहर जैसी भीड़ है.... यहाँ चढाई करके में क्या मजा ? ? " " क्या कर सकते है.... अब आ ही गए है हो अफ़सोस करने से क्या फायदा। चलो इसी का मजा उठाते हैं... ",नितिन ने जवाब दिया।

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने

सभी दोस्त पर्वतारोहण करने लगे और कुछ ही समय में पहाड़ी की चोटी पर पहुंच गए . वहां पर पहले से ही लोगो का तांता लगा हुआ था. दोस्तों ने सोचा चलो अब इसी भीड़ में दो-चार घंटे कैंपिंग करते है और फिर वापस चलते है. तभी नितिन ने सामने की एक चोटी की तरफ इशारा करते हुए कहा,"रुको-रुको। जरा उस चोटी की तरफ भी तो देखो। वहां तो बस मुठी भर लोग ही दिख रहे हैं... कितनी मजा आ रहा होगा। क्यों न हम वहां चलें।"

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने


" वंहा" , एक दोस्त बोला, " अरे वहां जाना सबके बस की बात नहीं है... उस पहाड़ी के बारे में मैंने सुना है, वंहा का रास्ता बड़ा मुश्किल है और कुछ लकी लोग ही वहा तक पहुँचए ।" बगल में खड़े लोगो ने भी नितिन का मजाक उड़ाने हुए कहा," भाई अगर वंहा जाना इतना ही आसान होता तो हम सब यहाँ झक नहीं मार रहे होते!"

 लेकिन नितिन ने किसी की बात नहीं सुनी और अकेला ही चोटी की तरफ बढ़ चला. और तीन घंटे बाद वह उस पहाड़ी के शिखर पर था. वंहा पहुंचने पर पहले से मौजूद लोगो ने उसका स्वागत किया और उसे एकनजर किया। नितिन भी वहाँ पहुँच कर बहुत खुश था अब वह शांति से प्रकृति की खूबशूरती का आंनद ले सकता था. जाते जाते नितिन ने बाकि लोगो से पूछा," एक बात बताइये। यहाँ पहुंचना इतना मुश्किल तो नहीं था, मेरे ख्याल से तो जो उस भीड़-भाड़ वाली चोटी तक पहुंच सकता है

 वह अगर थोड़ी सी और मेहनत करे तो वो इस चोटी को भी छू सकता है.... फिर ऐसा क्यों है की वह सैंकड़ो लोगो की भीड़ है और यहाँ बस मुठी भर लोग ? "

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने

वंहा मौजूद एक माउंटेनियर बोला, "क्योकि ज्यादातर लोग उसी में खुश हो जाते है जो उन्हे आसानी से मिल जाता है..... वे सोचते ही नहीं की उनके अंदर इससे कही ज्यादा पाने का पोटेसियम है.. और जो थोड़ा पाकर खुश नहीं भी होते वे कुछ अधिक पाने के लिए रिस्क नहीं उठाना चाहते। वे डरते है की कही ज्यादा के चक्कर में जो हाथ में है वो भी न चला जाये जबकि हकीकत ये है की अगली छोटी या अगली मंजिल पाने के लिए बस जरा से और एफर्ट की जरूरत पड़ती है लेकिन साहस न दिखा पाने के कारन अधिकतर लोग भीड़ का हिस्सा ही बन कर रह जाते है और सहस दिखने वाले लोग की लकी बात कर खुद को तसली देते रहते है |

Motivational Story In Hindi - जीवन में सफल ऐसे बने

फ्रेंड्स,अगर आप आज तक वो अलग साहसी कदम उठाने से खुद को रोके हुए है तो ऐसा मत करिये क्योक- अगली चोटी या अगली मंजिल पाने के लिए बस जरा से और एफर्ट की जरूरत पड़ती है ! खुद को उस एफर्ट को करने से रोकिये मत... थोडा सा साहस। थोड़ी सी हिम्मत आपको भीड़ से निकाल कर उन मुठी भर लोगो में शामिल कर सकती है जिन्हे दुनिया lucky कहती है |

बुधवार, 15 मार्च 2023

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

 

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव...  सुंदरबन इलाके में रहने वाले ग्रामीणों पर हर समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता था | खासतौर पर जो युवक घने जंगलो में लकड़ियों चुनने जाते थे उनपर कभी भी बाघ हमला कर सकते थे। | वही वजह थी की वे सब पेड़ो पर तेजी से चढ़ने-उतरने का प्रशिक्षण लिया करते थे प्रशिक्षण, गांव के ही एक बुजुर्ग दिया करते थे : जो अपने समय में इस कला के महारथी माने जाते थे. आदरपूर्वक सब उन्हे बाबा-बाबा कह कर पुकारा करते थे 

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

बाबा कुछ महीनो से युवाओं के एक समूह को पेड़ो पर तेजी से चढ़ने-उतरने की बारीकियां सीखा रहे थे और आज उनके प्रशिक्षण का आखिरी दिन था बाबा बोले, " आज आपके प्रशिक्षण का आखिरी दिन है , में चाहता हूँ , आप सब एक - एक बार इस चिकने और लंबे पेड़ पर तेजी से चढ़ -- उतर कर दिखाए। " सभी युवक अपना कौशल दिखाने के लिए तैयार हो गए।
 पहले युवक ने तेजी से पेड़ पर चढ़ना शुरू किया और देखते - देखते पेड़ की सबसे ऊँची शाखा पर पहुंच गया। फिर उसने उतरना सुरु किया , और जब वो लगभग आधा उतर आया तो बाबा बोले, " सावधान जरा संभल कर | ... आराम से उतरो। .. 
जल्दबाजी नहीं। ... "|
 युवक सावधानी पूर्वक निचे उतर आया

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव ( hindi motivational story ) guru ki sikh



इसी तरह बाकि के युवक भी पेड़ पर चढ़े और उतरे , और हर बार बाबा ने आधा उतर आने उतर आने के बाद ही उन्हे सावधान रहने को कहा।

 यह बात युवको कुछ अजीब लगी। और उन्ही में से एक ने पूछा , " बाबा " हमें आपकी एक बात समझ नहीं आयी , पेड़ का सबसे कठिन हिस्सा तो एक दम उचा था जहा पे चढ़ना या उतरना एक डैम कठिन और मुश्किल था

 आपने तब हमें सावधान होने के लिए नहीं कहा , लेकिन जब हम पेड़ का आधा हिस्सा उतर आये और बाकि हिस्सा उतरना बिलकुल आसान था तभी आपने हमें सावधान होने के निर्देश क्यों दिए ? '

aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

बाबा गंभीर होते हुए बोले , 

" बेटे ! यह तो हम सब जानते है की ऊपर का हिस्सा सबसे कठिन होता है , इसलिए वह पर हम खुद ही सतर्क हो जाते है , और पूरी सावधानी बरकते है तो वह हमें बहुत ही सरल लगने लगता है। ...

 हम जोश में होते है और अति आतम विश्वास से भर जाते है और इसी समय सबसे अधिक गलती होने की संभावना होती है यही कारन है की मैंने तुम लोगो को आधा पेड़ उतर आने के बाद सतर्क किया ताकि तुम अपनी मंजिल के निकट पहुंचने के बाद कोई गलती न कर बैठो | ..

 
aakhiri padav - आख‍िरी पड़ाव

युवक बाबा की बात समझ गए , आज उन्हे एक बहुत बड़ी सिख मिल चुकी थी | 

मित्रो, सफल  होने के लिए लक्ष्य निर्धारित होना जरूरी है ,

 और ये भी जरूरी है की जब हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के करीब पहुंच जाये , मंजिल को सामने पाए तो कोई जल्दबाजी न करे और पुरे धैर्य के साथ अपना कदम आगे बढ़ाये।  बहुत से लोग लक्ष्य के निकट पहुंच कर अपना धैर्य खो देते है और गलतिया कर बैठते है जिस कारन वो अपने लक्ष्य से चूक जाते है। 

 इसलिए लक्ष्य के आखिरी पड़ाव पर पहुंच कर भी किसी तरह की अशावधानी मत बरतिए और अपने लक्ष्य प्राप्त कर के ही दम लीजिये।   


मंगलवार, 14 मार्च 2023

Ekta Mein Bal Ki Kahani - एकता में बल की कहानी

Ekta Mein Bal Ki Kahani - एकता में बल की कहानी

एकता का बल एक किसान था | उसके पांच बेटे थे | सभी बलवान और मेहनती थे | पर वे आपस में हमेसा लड़ते झगड़ते रहते थे | किसान यह सब देख कर बहुत चिंतित रहा करता था वह चाहता था की उसके बेटे आपस में लड़ाई झगड़ा न करे और मेलजोल से रहे | किसान ने अपने बेटो को बहुत समझाया और डाटा फटकारा भी, पर उनपर इसका कोई असर नहीं हुआ |

Ekta Mein Bal Ki Kahani

किसान को हमेशा यही चिंता सताती रहती थी की वह अपने बेटो में एकता कैसे कायम करे ! एक दिन उसे अपनी समस्या का सुझा | उसने अपने पांचो बेटो को बुलाया उनको एक लकड़ी का गठर दिखा कर उसने पूछा, '' क्या तुम में से कोई एक गठर को खोले बिना तोड़ सकता है |

 Ekta Mein Bal Ki Kahani - एकता में बल की कहानी


किसान के पांचो बेटे बरी बरी से सामने आये उन्होंने खूब ताकत लगाई लेकिन कोई भी उस गठर को तोड़ नहीं सका | फिर किसान ने लकड़ियों के गठर को खोलकर अलग अलग कर दिए उसने अपने बेटो को एक एक लड़की देकर उसे तोडने के लिए कहा सभी लड़को ने आसानी से एक एक करके वो लकडिया तोड़ दी |

Ekta Mein Bal Ki Kahani

किसान से कहा, '' देखो ! एक-एक लकड़ी तो तोडना कितना आसान है इन्ही लकड़ियों को एक गठर में बांध देने पर ये कितनी मजबूत हो जाती है | इसी तरह तुम लोग मिल जल कर एक साथ रहोगे, तो मजबूत बनोगे और लड़ झगड़ कर अलग-अलग हो जाओगे, तो कमजोर बनोंगे |''

Ekta Mein Bal Ki Kahani

शिक्षा - एकता में ही सकती है, फुट में ही है विनाश |

शनिवार, 11 मार्च 2023

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

 Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी दोस्तों आज हम आपको सोने का अंडा देने वाली मुर्गी और किसान की कहानी सुनाने वाले है। जिसको बच्चे और बड़े बहुत पसंद करते है।

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी एक गाँव में एक किसान अपनी पत्नि के साथ रहता था. उनका एक छोटा सा खेत था, जहाँ वे दिन भर परिश्रम किया करते थे. किंतु कठोर परिश्रम के उपरांत भी कृषि से प्राप्त आमदनी उनके जीवन-यापन हेतु पर्याप्त नहीं थी और वे निर्धनता का जीवन व्यतीत करने हेतु विवश थे. एक दिन किसान बाज़ार से कुछ मुर्गियाँ ख़रीद लाया. उसकी योजना मुर्गियों के अंडे विक्रय कर अतिरिक्त धन उपार्जन था. अपनी पत्नि के साथ मिलकर उसने घर के आंगन में एक छोटा सा दड़बा निर्मित किया और मुर्गियों को उसमें रख दिया

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी


भोर होने पर जब उन्होंने दड़बे में झांककर देखा, तो आश्चर्यचकित रह गए. वहाँ अन्य अंडों के साथ एक सोने का अंडा भी पड़ा हुआ था. किसान उस सोने के अंडे को अच्छी कीमत पर जौहरी के पास बेच आया. अगले दिन फिर उन्होंने दड़बे में सोने का अंडा पाया. किसान और उसकी पत्नि समझ गए कि उनके द्वारा पाली जा रही मुर्गियों में से एक मुर्गी अद्भुत है. वह सोने का अंडा देती है. एक रात पहरेदारी कर वे सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को पहचान गए. उसके बाद से वे उसका ख़ास ख्याल रखने लगे. उस मुर्गी से उन्हें रोज़ सोने का अंडा मिलने लगा. उन अंडों को बेचकर किसान कुछ ही महिनों में धनवान हो गया.

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

किसान अपने जीवन से संतुष्ट था. किंतु उसकी पत्नि लोभी प्रवृत्ति की थी. एक दिन वह किसान से बोली, “आखिर कब तक हम रोज़ एक ही सोने का अंडा प्राप्त करते रहेंगे. क्यों न हम मुर्गी के पेट से एक साथ सारे अंडे निकाल लें? इस तरह हम उन्हें बेचकर एक बार में इतने धनवान हो जायेंगे कि हमारी सात पुश्तें आराम का जीवन व्यतीत करेंगी.” पत्नि की बात सुनकर किसान के मन में भी लोभ घर कर गया. उसने मुर्गी को मारकर उसके पेट से एक साथ सारे अंडे निकाल लेने का मन बना लिया. वह बाज़ार गया और वहाँ से एक बड़ा चाकू ख़रीद लाया.


Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

फिर रात में अपनी पत्नि के साथ वह मुर्गियों के दड़बे में गया और सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को पकड़कर उसका पेट चीर दिया. किंतु मुर्गी भीतर से सामान्य मुर्गियों की तरह ही थी. उसके पेट में सोने के अंडे नहीं थे. किसान और उसकी पत्नि अपनी गलती पर पछताने लगे. अधिक सोने के अंडों के लोभ में पड़कर वे रोज़ मिलने वाले एक सोने के अंडे से भी हाथ धो बैठे थे.

Golden Egg Story in Hindi - सोने का अंडा देने वाली मुर्गी

सीख

लालच बुरी बला है.

शुक्रवार, 10 मार्च 2023

heart touching love story in hindi - सच्ची हिन्दी लव स्टोरी


 heart touching love story in hindi - सच्ची हिन्दी लव स्टोरी ...30 june 2021 में पहली बार मैने नेहा को instagram पर देखा था ऐसा नहीं है की पहली बार ही देखा था बहुत बार देखा मुझे वो पहली बारी में ही पसंद आ गई थी वो कहते नही है देख ते ही प्यार हो जाना बस वोही हो गया था उस दिन मैंने पहली बार उसको dm किया happy bday उसका जवाब आया tq उसके बाद हमारी बात होना शुरू हो गया धीरे धीरे बात होने लगी फिर बीच मैं अचानक हमारी लड़ाई हो गई और हमारी बाते बंद हो गई लेकिन कुछ टाइम बाद हमारी बात दोबारा शुरू हुई बात करते करते हम क्लोज होने लगे feelings बढ़ने लगी हम दोनों के बीच । नेहा बहुत अच्छी बाते करती थी मैंने उससे मिलने को कहा फिर 22 jan 2022 को मैं उससे मिला और उस दिन भी मैने उसे इंतजार करवा दिया पहली बार मैंने उसको सामने से देखा और देख कर ऐसा लगा मुझे हा बस यही है जो है मेरे लिए । 

heart touching love story in hindiवैसे वो सामने से भी बहुत cute सुंदर भी है थोड़ी सी कॉमेडियन जैसी भी है फिर मैंने उसको पहली बार 🫂 किया कसम से सारी टेंशन खत्म हो गई इतना सुकून मिला मुझे उसे गले लगा के 😘 फिर वो पागल मेरी दोस्त दोस्त कहते कहते मुझे छोड़ के भाग गई में उसके पीछे तक गया वो भाग गई 😁 ये moment भी बहुत funny था by the God 😄 फिर मैं वापस घर को चले गया|

सच्ची हिन्दी लव स्टोरी || Heart Touching Love Story in Hindi


फिर हमारी बात रोज रोज होने लगी फिर मैने उसको बताया कि में कॉलेज में नहीं 12th class में पड़ता हु मेने उसको बताया था कि वो भी उसकी तरह college करता है मुझे ये लगा की अगर में उसको ये बताऊंगा की वो स्कूल में है तो वो मेरे से कभी बात करती ही नही बोलती बच्चे पढ़ाई पे ध्यान दो लेकिन उसने अभी तक मुझे love you नही बोला था फिर 7 feb को मेरा bday आया उस दिन उसने मुझे पहली बार love you बोला में उस दिन बहुत खुश हुआ खुशी का मेरी कोई ठिकाना नही था 🥰 फिर कुछ दिन बाद ही हमारी लड़ाई हो गई उसने मुझे ब्लॉक कर दिया में उस दिन बहुत रोया मुझे बहुत हर्ट हुआ मैंने गुस्से में अपना सिर फोड़ दिया और उस दिन पहली बार वो मेरे लिए रोई| 


heart touching love story in hindi

मेरेको बहुत हर्ट हुआ वो बिलकुल बच्चो की तरह रोती है हम दोनो एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे हमारी कास्ट भी अलग थी वो कभी कभी बहुत डर जाती थी और मेरे से झगड़ा कर लेती थी में उसको कितना समझाता था लेकिन वोही है न लड़की है डर जाती है मैने तो नेहा के बारे में पहले ही अपने घर वालो को बता रखा था बस नेहा के घर वालो को ही मनाना बाकी था


heart touching love story in hindi

हमारी बहुत लड़ाई हुई बहुत लोगो ने हमे अलग करने की कोशिश भी की लेकिन हमने किसी की बात नहीं मानी और इतनी लड़ाई जगड़े के बाद भी हम दोनो अभी साथ है और हमेशा रहेंगे में नेहा को कभी खुद से दूर नहीं जाने दूंगा हमेशा उसके साथ ही रहूंगा और शादी भी उसी से करूंगा

गुरुवार, 9 मार्च 2023

Love Story in Hindi - सच्ची दिल को छूने वाली प्रेम कहानी हिंदी में

Love Story in Hindi - सच्ची दिल को छूने वाली प्रेम कहानी हिंदी में ... 

आज भी याद है वो दिन जब पहली बार अलीशा को देखा था | उस दिन वो बहुत ही प्यारी दिख रही थी | वो कहते है न love at first sight , मुझे वोही हो गया | उसके सुनहरे बाल हवा में लहरा रहे थे और उसकी smile तो बिलकुल ही जानलेवा थी | में अलीशा से b.tech 1 year में मिला था | क्लास का पहला दिन था और सभी student room में आ गए थे | 

Love Story in Hindi

तभी क्लास स्टार्ट होने के 10 मिनट बाद अलीशा की entry हुयी | सभी boys उसकी तरफ देख रहे थे मेरे banch पर में अकेला ही बैठा था और तभी अलीशा आई और मेरे बगल में बैठ गयी में तो अंदर ही अंदर बहुत खुश हो रहा था परन्तु मेरी उससे बात करने की हिम्मत नहीं हुयी थोड़ी देर बाद अलीशा ने मुझसे कहा की आप कोनसा perfume लगा कर आये हो तो मैंने कहा की मुझे नाम नहीं पता, जोभी मिल जाता है वही लगा लेता हु | वो हसने लगी और बोली अच्छा perfume है | मैंने उसको thanks बोल दिया | 

  Love Story in Hindi-सच्ची दिल को छूने वाली प्रेम कहानी पहली नजर का पहल प्यार


Love Story in Hindi
  

फिर उसने मेरा नाम पूछा | मैंने मेरा नाम बताया और इसी बहाने उसका नाम भी पूछ लिया अलीशा और में उसी दिन अच्छे दोस्त बन गए | अब क्लास में हम dally एक साथ ही बैठते थे | अलीशा और में college से बाहर भी अच्छे dost बन गए थे | एक दिन मैंने अलीशा से उसका mobile no. माँगा और उसने भी दे दिया | मुझे सुरु में बहुत डर लग रहा था की mobile no. मांगने से अगर उसको बुरा लगा तो में उसको कैसे मनाऊंगा, but ऐसा कुछ हुआ नहीं | उसके बाद में और अलीशा थोड़ी बहुत calling पे भी बात कर लेते थे | 3-4 महीनो बाद मैंने अलीशा को प्रोपोस कर दिया | 


Love Story in Hindi

अलीशा ने मेरे porposal का जवाब 6 महीने बाद दिया हम दोनों में कई बार लड़ाई भी होती थी, but हम दोनों आपस में एक दूसरे को मना लिया करते थे | ये सिलसिला 4 साल तक चलता रहा और फिर b.tech complete होने के बाद हमने शादी कर ली और अब हमरी शादी को 4 महीने बित चुके है| अलीशा और में बहुत खुश रहते है

शनिवार, 4 मार्च 2023

One Sided Love - एक तरफा प्यार

One Sided Love - एक तरफा प्यार ये छोटी सी कहानी (एक तरफा प्यार (One Sided Love) – (Love Motivational Story) हमे दो बहुत बड़ी बातें सिखाती है, पहली बात तो ये की इस दुनिया में सच्चा प्यार और दिल से केयर करने वाले आजकल बहुत मुश्किल से मिलता है तो आप अपने प्यार की कदर कीजिए | One Sided Love


 One Sided Love - एक तरफा प्यार.....  स्कूल टाइम हमारे वो दिन कितने प्यारे थे उन बीते हुए दिनों को याद करके ऐसा लगता है जैसे की आज भी वो मेरे साथ है| में एक लड़की से बहुत प्यार करता था उसका नाम निशा था एक दिन की बात है मेरे दोस्त रोहित ने मुझसे कहा की तू निशा से बात कर ले और मैंने उसकी बात मान ली मेरी हिम्मत तो बात करने की नहीं हुयी मेरे दोस्त कपिल ने निशा की दोस्त सुमन से कहा की निशा को बोलना सचिन तुमसे बहुत प्यार करता है और बात करना चाहता है | लेकिन निशा ने मुझे मना कर दिया की वो मुझसे प्यार नहीं करती लेकिन में फिर भी उसी को चाहता था | में उस समय 12th class में पढ़ता था और निशा 11th क्लास में पड़ती थी मैने निशा को जिस दिन देखा था मुझे तो उसी दिन से उससे प्यार हो गया था और निशा के सुनहरे बालो को देख कर लगता था जैसे कोई परी आसमान से निचे आ गयी हो |

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One Sided Love - ( एक तरफा प्यार ) heart touching story in hindi 


 मैने निशा को पहली बार तब देखा जब स्कूल में सूबा के टाइम प्रेयर हो रही थी और वो मेरे बगल में खड़ी थी मैने सबसे पहले तो उसके गांव का पता किया था निशा का घर बहुत दूर था निशा जिस दिन स्कूल आती थी उस दिन में बहुत खुश हो जाता था |

 
    में निशा को धीरे-धीरे बहुत प्यार करने लग गया और में अपने दोस्त को लेकर निशा को देखने के बहाने उसकी क्लास में जाया करता था उसको देख कर मेरा मन बहुत खुश होता था जिस दिन वो 
स्कूल नहीं आती थी उस दिन मेरा मन कही भी नहीं लगता था रोज में उसकी दोस्त से पूछता था की आज वो और निशा आएँगी या नहीं | पता नहीं क्यों जब तक में उसको देख नहीं लेता था तब तक मेरे दिल को चैन नहीं आता था हमारी बाते नहीं होती थी | 

        में निशा को मैसेज करना चाहता था लेकिन कर नहीं पाता था एक दिन मैंने निशा को फेसबुक पे मैसेज किया उस दिन हमारी पहली बार बात हुयी कभी-कभी ही हमारी बाते हो पाती थी उसके बाद मैंने 12th  क्लियर कर ली उस दिन के बाद आज तक मेरी बात निशा से नहीं हुयी लेकिन आज भी में उससे उतना ही प्यार करता हु जितना पहले करता था | 12th के बाद में दिल्ली चला गया था कुछ टाइम बाद जब में गांव गया तो रास्ते में मुझे निशा दिखी मुझे जितनी ख़ुशी उसे देख कर हो रही थी उतनी ही मन में घबराहट भी हो रही थी | 



उसके एक दो दिन बाद मैने  निशा से बात की हमारी बहुत बाते हुयी में निशा से बहुत प्यार करता था में किसी भी मंदिर में जाता था तो उसके लिए मन्नत मांगता था वो कही भी रहे खुश रहे मेरा प्यार एक तरफ़ा भी है तब भी में बहुत खुश हु उसके अलावा मुझे कोई अच्छा नहीं लगता | 

  प्यार करना चाहिए एक से करो सच्चे दिल से करो जो हर समय साथ दे सके में निशा के साथ हमेसा रहूंगा हमेशा उससे ही प्यार करूंगा वो जो कहेगी में वो करने को तैयार हु |     ( i love you nisha )

हर पल साथ तुम्हारा हो 
जितनी भी सांसे चले मेरी 
हर सांस पर नाम तुम्हारा हो 
        सिर्फ तुम्हारा निशा


 

real love story in hindi - पड़ोस वाला प्यार....

real love story in hindi - पड़ोस वाला प्यार.... में bsc करने वाला लड़का हु मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती है हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते...