बुधवार, 8 फ़रवरी 2023

short motivational story in Hindi - गाँधारी का श्राप, श्रीकृष्ण का श्राप स्वीकारना

 

गाँधारी का श्राप, श्रीकृष्ण का श्राप स्वीकारना short motivational story in Hindi दुर्योधन के अंत के साथ ही महाभारत के महायुद्ध का भी अंत हो गया | माता गाँधारी दुर्योधन के शव के पास खडी फफक-फफक कर रो रही हैं| पुत्र वियोग मे गाँधारी का भगवान कृष्ण को श्राप देना , भगवान कृष्ण का श्राप को स्वीकार करना और गाँधारी का पश्चताप करना | इसका बडा ही मार्मिक वर्णन किया है धर्मवीर भारती जी ने ( गीता - कविता से संकलित ) गाँधारी : ह्रदय विदारक स्वर मैं short motivational story in Hindi - गाँधारी का श्राप, श्रीकृष्ण का श्राप स्वीकारना तो वह पड़ा है कंकाल मेरे पुत्र काकिया है यह सब कुछ कृष्ण तुमने किया है

 
short motivational story in Hindi

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सब सुनो आज तुम भी सुनो मैं तपस्विनी गाँधारी अपने जीवन के सारे पुण्यों का बल ले कर कहती हूँ short motivational story in Hindi कृष्ण सुनो
 
तुम अगर चाहते तो रुक सकता था युद्ध यह मैंने प्रसव नहीं किया था कंकाल वह इंगित पर तुम्हारे ही भीम ने अधर्म किया क्यों नहीं तुमने ये शाप दिया भीम को जो तुमने दिया अश्वथामा कोजो तुमने दिया अश्वथामा को तुमने को तुमने किया है प्रभुता का दुरपयोग यदि मेरी सेवा मैं बल है संचित तप मैं धर्म है प्रभु हो या परात्पर हो कुछ भी हो सारा तुम्हारा वंश इसी तरह पागल कुत्तो की तरह एक दूसरे को परस्पर फाड खायेगा तुम खुद उनका विनाश कर के कई वर्षों बाद किसी घने जंगल मैं साधारण व्याध के हाथों मारे जाओगे प्रभु हो पर मारे जाओगे पशु की तरहवंशी

ध्वनि: कृष्ण की आवाज short motivational story in Hindi - गाँधारी का श्राप, श्रीकृष्ण का श्राप स्वीकारना कृष्ण ध्वनि : प्रभु हूँ या परात्पर पर पुत्र हूँ तुम्हारा तुम माता हो मैंने अर्जुन से कहा सारे तुम्हारे कर्मो का पाप पुण्य योगक्षेम मैं वहन करुँगा अपने कंधो पर अठारह दिनों के इस भीषण संग्राम मैं कोई नहीं केवल मैं ही मरा हूँ करोडो बार जितनी बार जो भी सैनिक भुमीशायी हुआ कोई नहीं था मैं ही था गिरता था जो घायल हो कर रणभूमि मैं अश्वत्थामा के अंगो से रक्त पीप स्वेद बन कर बहूँगा मैं ही युग युगांतर तक जीवन हूँ मैं तो मृत्यु भी मैं ही हूँ माँ श्राप यह तुम्हारा स्वीकार है

गांधारी : यह क्या किया तुमने फूट कर रोने लगती है कोई नहीं में अपने सौ पुत्रो के लिये लेकिन कृष्ण तुम पर मेरी ममता अगाध है कर देते श्राप मेरा तुम अस्वीकार तो क्या मुझे दुःख होता ? मै थी निराश मै कटु थी पुत्रहीन थी कृष्ण : ऐसा मत कहो माता जब तक में जीवित हूँ पुत्रहीन नहीं हो तुम प्रभु हो या परातपर पर पुत्र हूँ तुम्हारा तुम माता हो short motivational story in Hindi

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