मंगलवार, 14 फ़रवरी 2023

laila majnu story in hindi - लैला मजनू की प्रेम कहानी

 

laila majnu story in hindi 

लैला मजनू की प्रेम कहानी लैला राज घराने से सम्बंध रखती थी वो बहुत सुन्दर थी | मजनू ने जब पहली बार उसे देखा तो वो उससे प्यार करने लगा | वो उसकी खूबसूरती पर मरता था | एक दिन वो उससे मिलने उसके महल पहुंचा | वहा जाकर वो उसके कमरे में गया और अपने जेब से पायल निकाल कर उसके खुबशुरत पैरो में पहना दी उसके बाद उसने उन पैरो को अपने होठो से चूमा| जब वो दूसरी पायल पहनाने लगा तो लैला ने करवट बदल ली फिर मजनू ने दूसरी पायल नहीं पहनायी और उसे निशानी समझ कर अपने पास रख ली| जब सबेरे राजकुमारी लैला उठी तो उसने अपने पेरो मैं उस पायल को देखा वो हैरान रह गई |


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अगले दिन मजनू फिर राजमहल गया और सीधे लैला के कमरे में पहुंच गया | वहां जाकर उसने लैला के गालो को छुआ और फिर वो उसके क़दमों में आ गया | तब उसने अपने जेब से दूसरी पायल निकाल कर उसे पहना दी | जब उसके पैरों को चूमने लगा तो लैला ने करवट बदल ली और मजनू ने देखा की लैला के पैर मैं पायल नहीं थी | उसने कहा की हम तो अपना दिल भी तेरे क़दमों में रख गए और तूने उसे ठोकर मार दी | तभी लैला जाग गयी और मजनू को पकड़ लिया | फिर उससे उसके बारे में पूछा | उनकी बाते कुछ इस प्रकार थी|
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लैला - तुम कौन हो
 मजनू - आपका सेवक 
लैला - तुम रहते कहाँ हो 
मजनू - आपके चरणों में 
लैला - तुम काम क्या करते हो
 मजनू - आपकी पूजा 

और यह कह कर मजनू ने लैला के पैरो को चुम लिया | लैला उससे बहुत खुश हूई | और वो भी उससे प्यार करने लगी | लैला ने मजनू को अपने पास आने को कहा तो मजनू ने जवाब दिया कि वो तो बस आपके क़दमों में अपनी उम्र गुजारना चाहता है | ईस प्यार का जब लैला के पिता को पता चला तो हुए वो बहुत नाराज हुए उन्होंने मजनू को बुलवाया और कहा की यदि वो चाहे तो वो राजमहल की किसी भी सुन्दर से सुन्दर सी दासी को लेजा सकता है | पर लैला भूलने के बाद | मजनू उनसे कहा की राजमहल की सभी दासी लैला के चरणों की धूल के सामान भी नहीं है और उसे किसी भी दौलत का लालच नहीं है | laila majnu story in hindi

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इसपर नाराज होकर लैला के पिता ने मजनू को देश निकाला दे दिया और लैला की शादी किसी राजा के साथ कर दी लैला सादी के बाद अपने पति के साथ इराक चली गयी वो खुश नहीं थी | लैला इराक पहुंच कर बहुत बीमार हो गयी तब वैद ने राजकुमार से मजनू को बुलवाने को कहा | तब राजकुमार ने मजनू को बुलवाया | मजनू राजमहल पहुंच कर लैला के कमरे में जाता है लैला वहां पर सो रही होती है मजनू लैला के पैरो के पास बैठ जाता है और उन्हें चूमने लगता है तभी लैला जाग जाती है और उसे उसके क़दमों से उठने को कहती है तब मजनू कहता है की वो बस अब इन पैरो में ही रहकर इन्हें चूमना चाहता है | तब लैला के बार- बार कहने पर मजनू उससे गले मिलता है

 तभी वहा पर राजकुमार पहुँच जाता है और वो मजनू को लैला के चरणों में देख कर अचम्भे में पद जाता है और वो उन दोनों को आजाद कर देता है जब लैला और मजनू वहा से चले आते है तो रेगिस्तान में उनपर हमला होता है और लैला वही पर मर जाती है मजनू भी उसके गम में मरने लगता है तो उसे लैला को दिया हुआ वचन याद आता है की वो उसके क़दमों में ही मरेगा तब वो उसके पैरो के पास जाकर चूमता हुआ मर जाता है |
 वो प्यार आज भी अमर है ऐसे प्रेमी बहुत कम मिलते है जो एक दूसरे के लिए जान भी देते है.

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