One Sided Love - एक तरफा प्यार ये छोटी सी कहानी (एक तरफा प्यार (One Sided Love) – (Love Motivational Story) हमे दो बहुत बड़ी बातें सिखाती है, पहली बात तो ये की इस दुनिया में सच्चा प्यार और दिल से केयर करने वाले आजकल बहुत मुश्किल से मिलता है तो आप अपने प्यार की कदर कीजिए | 
One Sided Love - एक तरफा प्यार..... स्कूल टाइम हमारे वो दिन कितने प्यारे थे उन बीते हुए दिनों को याद करके ऐसा लगता है जैसे की आज भी वो मेरे साथ है| में एक लड़की से बहुत प्यार करता था उसका नाम निशा था एक दिन की बात है मेरे दोस्त रोहित ने मुझसे कहा की तू निशा से बात कर ले और मैंने उसकी बात मान ली मेरी हिम्मत तो बात करने की नहीं हुयी मेरे दोस्त कपिल ने निशा की दोस्त सुमन से कहा की निशा को बोलना सचिन तुमसे बहुत प्यार करता है और बात करना चाहता है | लेकिन निशा ने मुझे मना कर दिया की वो मुझसे प्यार नहीं करती लेकिन में फिर भी उसी को चाहता था | में उस समय 12th class में पढ़ता था और निशा 11th क्लास में पड़ती थी मैने निशा को जिस दिन देखा था मुझे तो उसी दिन से उससे प्यार हो गया था और निशा के सुनहरे बालो को देख कर लगता था जैसे कोई परी आसमान से निचे आ गयी हो |
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One Sided Love - ( एक तरफा प्यार ) heart touching story in hindi
मैने निशा को पहली बार तब देखा जब स्कूल में सूबा के टाइम प्रेयर हो रही थी और वो मेरे बगल में खड़ी थी मैने सबसे पहले तो उसके गांव का पता किया था निशा का घर बहुत दूर था निशा जिस दिन स्कूल आती थी उस दिन में बहुत खुश हो जाता था |
में निशा को धीरे-धीरे बहुत प्यार करने लग गया और में अपने दोस्त को लेकर निशा को देखने के बहाने उसकी क्लास में जाया करता था उसको देख कर मेरा मन बहुत खुश होता था जिस दिन वो स्कूल नहीं आती थी उस दिन मेरा मन कही भी नहीं लगता था रोज में उसकी दोस्त से पूछता था की आज वो और निशा आएँगी या नहीं | पता नहीं क्यों जब तक में उसको देख नहीं लेता था तब तक मेरे दिल को चैन नहीं आता था हमारी बाते नहीं होती थी |
में निशा को मैसेज करना चाहता था लेकिन कर नहीं पाता था एक दिन मैंने निशा को फेसबुक पे मैसेज किया उस दिन हमारी पहली बार बात हुयी कभी-कभी ही हमारी बाते हो पाती थी उसके बाद मैंने 12th क्लियर कर ली उस दिन के बाद आज तक मेरी बात निशा से नहीं हुयी लेकिन आज भी में उससे उतना ही प्यार करता हु जितना पहले करता था | 12th के बाद में दिल्ली चला गया था कुछ टाइम बाद जब में गांव गया तो रास्ते में मुझे निशा दिखी मुझे जितनी ख़ुशी उसे देख कर हो रही थी उतनी ही मन में घबराहट भी हो रही थी |
उसके एक दो दिन बाद मैने निशा से बात की हमारी बहुत बाते हुयी में निशा से बहुत प्यार करता था में किसी भी मंदिर में जाता था तो उसके लिए मन्नत मांगता था वो कही भी रहे खुश रहे मेरा प्यार एक तरफ़ा भी है तब भी में बहुत खुश हु उसके अलावा मुझे कोई अच्छा नहीं लगता |
प्यार करना चाहिए एक से करो सच्चे दिल से करो जो हर समय साथ दे सके में निशा के साथ हमेसा रहूंगा हमेशा उससे ही प्यार करूंगा वो जो कहेगी में वो करने को तैयार हु | ( i love you nisha )
जितनी भी सांसे चले मेरी
हर सांस पर नाम तुम्हारा हो
सिर्फ तुम्हारा निशा।



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